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Wednesday, May 13, 2020

white hair treatment in Hindi homemade remedies -सफेद बालों का इलाज हिंदी में

सभी का यह सपना होता है कि उसके बाल सदा जिंदगी के लिए काले रहे क्योंकि बालों के सफेद होने से व्यक्ति की उम्र भी अधिक लगने लगती है लोगों का यह मानना होता है कि बालों का सफेद होना या बालों का पकना अधिक उम्र में ही शुरु होता है चलिए जान लेते इस समस्या उपाय....
white hair treatment in Hindi homemade remedies
white hair treatment
बालों का कम उम्र में सफेद होना यह समस्या जेनेटिक रूप से या फिर प्राकृतिक रूप से पैदा होती है जैसे कि आप लोग जानते हैं कि किसी भी समस्या का पैदा होने का कारण जान लिया जाए तो उसे सही करना आसान होता है!
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अगर आपको यह पता चल जाए कि बालों का सफेद(White Hair) होना किन किन कारणों पर निर्भर है तो आप भी बड़ी आसानी से अपने सफेद बालों से छुटकारा पा सकते हैं क्या आप लोगों को यह पता है.....

बालों के सफेद होने का कारण क्या है (Why Hair Becomes White in Hindi)

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केमिकल (Chemicals): अगर आप भी केमिकल से बनी चीजों जैसे (शैंपू,कंडीशनर,डाई) का इस्तेमाल रोज करते हैं तो यह जान ले कि यह बालों को सफेद और कमजोर बनाते है
जेनेटिक (Jenetic): अक्सर आपने कई बच्चे देखे होंगे जिनके बाल छोटी उम्र से ही सफेद होते हैं यह सब उनके जेनेटिक गुणों के कारण होता है जो उन्हें अपने माता-पिता से मिलता है
धूल और मिट्टी (Dirty Hair): बालों के सफेद होने का एक कारण धूल मिट्टी भी है जिसके कारण हमारे बाल रूखे और बेजान भी हो जाते हैं
तनाव (Tension): तनाव के कारण हमारे शरीर और बालों पर नकारात्मक प्रभाव होता है जिसके चलते बाल भी सफेद होना चालू हो जाते हैं

ऊपर हमने आपको बालों के सफेद होने के कारण बताएं अब चलिए यह जान लेते हैं कि बालों को प्राकृतिक रूप से कैसे काला रखा जाए!
रीठा,आंवला,शिकाकाई (Reetha, Amla, Shikakai): इन तीनों चीजों को एक गिलास पानी में 3 दिन भिगोकर रख दें इसके बाद धीमी आंच पर इसे पकाएं जब तक पानी आधा ना रह जाए फिर इस मिश्रण को छलनी की सहायता से छानकर मेहंदी में मिलाकर इस्तेमाल करें इसका इस्तेमाल महीने में दो बार कर सकते हैं!
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मेहंदी (Mehndi): मेहंदी और चाय की पत्ती की सहायता से भी आप अपने बालों को काला रख सकते हैं इसके लिए आपको एक पैक मेहंदी में एक कप चाय की पत्ती का पानी मिलाकर इसे 30 मिनट तक लगा कर छोड़ दें और बाद में गुनगुने पानी से धोले!
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आमला,नारियल तेल (Amla Coconut Oil): इस मिश्रण को बनाने के लिए आप आंवला पाउडर में नारियल का तेल मिलाकर बालों में लगाएं इस मिश्रण को रात में ही लगाएं और पूरी रात लगा रहने दें और सुबह ताजे पानी के साथ धोले इसे हफ्ते में दो बार ही लगाएं!
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चिरौंजी, मेथी (Chironji Fenugreek): सभी की रसोइयों में मेथी और चिरौंजी आसानी से उपलब्ध होती है इन दोनों को आप बराबर मात्रा में लेकर रात भर एक कटोरी पानी में भिगो ले इससे बने जेल को सुबह 30 मिनट के लिए अपने बालों में लगाएं और बाद में ताजे पानी की सहायता से धोले!
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Aloe Vera
एलोवेरा: एलोवेरा की ताजी पत्तियों का जेल और चारकोल पाउडर जो बाजार में आसानी से मिल जाता है दोनों को मिलाकर हफ्ते में तीन बार अपने बालों में लगाएं यह आपके बालों को काला और चमकदार बनाता है!

अरंडी, आंवला पाउडर(Castor, Amla powder): इन दोनों चीजों को एक लोहे की कढ़ाई में मिलाकर हल्की आंच पर भूनें जब यह काला पड़ जाए तो इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें और रात के समय में इस मिश्रण को अपने बालों में लगा ले और सुबह ताजे पानी से धो लें!
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आलू(Potato):  8-10 आलू को छीलकर 3 कप पानी में 3-5 मिनट तक उबलने दे अब गैस को बंद करें और छिलकों को 30 से 35 मिनट पानी में ही पड़ा रहने दे पानी ठंडा होने पर एक छलनी की मदद से इसे छानकर स्प्रे बोतल में भरकर रख लें नहाने के बाद ध्यान रहे कंडीशनर नहीं करना अपने बालों पर इसे स्प्रे करें
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Yoga
योगा(Yoga): अगर आप रोज योगा करते हैं तो भी आप अपने बालों को सफेद होने से बचा सकते हैं वेदों में बताया गया है  की अगर आप रोज प्रातः सुबह योगा करते हैं योगा से हमारे शरीर को अद्भुत फायदे होते  सभी समस्याओं को दूर करने में समर्थ होता है योगा!


Thursday, May 07, 2020

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नमस्कार दोस्तों आज हम आपको एलोवेरा ( Aloe Vera) पौधे के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे की एलोवेरा का इस्तेमाल किस प्रकार करें कि वह आप लोगों के लिए संजीवनी बूटी का काम करें और आप उसके पूर्ण गुणों का भरपूर रूप से फायदा उठा सकें चलिए जान लेते हैं कि एलोवेरा का इस्तेमाल (Use) किस प्रकार करना चाहिए!
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Aloe Vera Plant

आप सभी को एलोवेरा(Aloe Vera) के कुछ ना कुछ गुणों(Property) की जानकारी तो होगी पर आज हम आप लोगों को एलोवेरा(Aloe Vera) के उन गुणों से अवगत कराएंगे जिसके बारे में आपने कभी सुना ही नहीं होगा!जैसा आप जानते हैं कि एलोवेरा(Aloe Vera) बहुत ही गुणकारी औषधि पौधा(Medicine Plant) है जिसका इस्तेमाल(Use) चिकित्सा के क्षेत्र में अधिक रूप से हो रहा है आप सभी को पता है कि एलोवेरा(Aloe Vera) मानव शरीर के ज्यादा से ज्यादा बीमारियों(Disease) को अपने औषधि गुणों से सही करने में सक्षम है! इस पौधे का इस्तेमाल हम सभी भिन्न-भिन्न बीमारियों के लिए भिन्न -भिन्न तरह से करते हैं क्या आप जानते हैं कि पूरी दुनिया में एलोवेरा की सिर्फ 400 प्रजातियां(Family)ही पाई जाती है जिसमें से केवल 4 प्रकार की प्रजातियां(Family) ही हमें स्वास्थ्य लाभ(Health Benefits) पहुंचाने में सक्षम है परंतु कुछ लोगों को इसकी जानकारी(Knowledge) ही नहीं होती कि उन्हें किस प्रकार की प्रजाति का इस्तेमाल करना चाहिए जो उन्हें अधिक से अधिक लाभ दें चलिए जान लेते हैं एलोवेरा के फायदे(Benefits).

एलोवेरा का इस्तेमाल (Use of Aloe Vera)

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Aloe Vera Plant Benefits

वैसे तो आप एलोवेरा की ताजा पत्तियों(Fresh Leave) को सीधे ही पौधे से तोड़कर उसका गुदा निकाल कर खा सकते है! पर अगर आप इसकी पत्तियों को काटकर उसमें से जो गुदा निकले उसका जूस बनाकर सेवन करें तो आपकी त्वचा को ज्यादा से ज्यादा फायदा होगा और आपकी त्वचा कुछ ही दिनों में ग्लो करने लगेगी

एलोवेरा के फायदे (Aloe Vera Benefits)

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Use of Aloe Vera

  1. त्वचा के लिए: आप भी चाहते है  कि आप भी 36 साल उम्र में भी 20 साल के लगे तो आपको प्रतिदिन सुबह के समय खाली पेट एलोवेरा का सेवन करना चाहिए! यह त्वचा पर आ रही एजेन्स और फाइन लाइन को कम करता है जिससे त्वचा जवान नजर आती है 
  2. सनटैन: अगर आप अपना ज्यादातर समय घर से बाहर ही व्यतीत करते हैं तो इसके चलते आपको सनटैन(🌄Suntan) जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिसमें त्वचा(Skin) का रंग गहरा हो जाता है इस परेशानी से निजात पाने के लिए आपको एलोवेरा(Aloe Vera) की पति को तोड़कर एक चम्मच की सहायता से उसका गुदा निकाल लेना है और उसमें कुछ बूंद गुलाब जल(🌹Rose Water) मैं डालकर मिस कर ले और अब इस तैयार मिश्रण को उस जगह लगाए जहां सनटैन(Suntan) हुआ है 15 से 20 मिनट लगा रहने दें और अब इसे ठंडे पानी(Cold Water) के साथ धो ले यह मिश्रण आपको दिन में दो बार इस्तेमाल करना है
  3. रंग निखार : अगर आप भी चाहते हैं निखरती और चमकदार सुंदर त्वचा(Skin) तो एलोवेरा के गुदा को निकालकर इसमें  में दो चुटकी हल्दी(Turmeric) और कुछ गुलाब जल(🌹 Rose Water) की बूंदें मिलाकर मिश्रण बना लें और इस मिश्रण को 15 मिनट के लिए अपने चेहरे पर लगाकर बाद में ठंडे पानी से मुंह धो ले 1 हफ्ते के अंदर ही आपको अपने चेहरे पर अद्भुत परिवर्तन देखने को मिलेगा
  4. भूख बढ़ाना: एलोवेरा का निरंतर सेवन आपकी भूख को बढ़ाता है और आपके शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर कर शरीर को शुद्ध (Purify) करता है यह आपकी पेट से जुड़ी कब्ज की समस्या को भी दूर करता 
  5. लीवर के लिए फायदेमंद: यह लिवर से जुड़ी बीमारियों से भी निजात दिलाता है इसका जूस लगातार पीने से लीवर प्यूरिफाई (Purify) होता है
  6. मधुमेह में फायदेमंद: जैसा आप जानते आज हर दूसरा व्यक्ति मधुमेह की भयंकर बीमारी से पीड़ित है इस बीमारी में रक्त में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है इस बीमारी से निजात पाने के लिए सुबह और शाम खाली पेट खाना खाने से आधे घंटे पहले एलोवेरा के जूस का सेवन करना चाहिए!
  7. वजन को कम करें: अगर आप भी अपने मोटापे(Fat) से परेशान हैं और चाहते हैं कि जल्द से जल्द इससे निजात मिले तो आप एलोवेरा(Aloe Vera) के जूस का इस्तेमाल दिन में दो बार सुबह और शाम कर सकते हैं यह आपके वजन को जल्दी से और बिना कसरत किए कम करता है
  8. आंखों के लिए: अगर आप की भी आंखें कमजोर है या उनमें से पानी जाता है ऐसा ज्यादा 📺टीवी 🖥️कंप्यूटर 📱मोबाइल आदि का इस्तेमाल करने पर होता है आप इस परेशानी से जल्द से जल्द निजात पाना चाहते हो तो एलोवेरा के जूस (🍹Juice) का सेवन करें!
  9. पिंपल के लिए: पिंपल(Pimples) की समस्या गलत खानपान और पेट के खराब होने से होती है इससे दूर करने के लिए आप एलोवेरा(Aloe Vera) को चेहरे(Face) पर लगाएं और इसके जूस(Juice) का भी सेवन नियंत्रण रूप से करें आपके पेट की समस्या को दूर करेगा और आपके पेट को भी ठंडक बचाएगा
  10. अमीनिया: अमीनिया की बीमारी में महिलाओं में खून(Blood) की कमी होने लगती है ऐसे में महिलाओं को एलोवेरा के जूस का  निरंतर सेवन करना चाहिए
  11. एड़ियों हाथों का फटना: अक्सर सर्दियों के दिनों में लोगों की एड़ियां और हाथ पैर फट जाते हैं ऐसे में आप एलोवेरा (Aloe Vera) के  में नारियल तेल (🥥Coconut Oil) मिलाकर लगाएं!
  12. जलने काटने पर: जलने या कटे हुए घाव पर आप एलोवेरा(Aloe Vera) का इस्तेमाल(Use) करें यह अपने औषधि गुणों के कारण आपके घावों को जल्द से जल्द आराम पहुंचाता है
  13. पेशाब में जलन: पेशाब में जलन होने पर आप एलोवेरा के जूस का सेवन करें यह पेशाब में जलन को खत्म कर शरीर को शीतलता पहुंचाता है
  14. स्ट्रेच मार्क्स: अगर आप भी स्ट्रेच मार्क्स  से परेशान है यह परेशानी कई प्रकार से होती है महिलाओं को यह परेशानी गर्भवती होने पर होती है यह परेशानी जिम में अधिक वजन उठाने से या शरीर में ज्यादा मोटापा (Fat) जमा होने के कारण होते हैं! इसके लिए एलोवेरा(Aloe Vera) के साथ दो चम्मच नारियल का तेल मिलाकर 15 मिनट स्ट्रेच मार्क्स पर मसाज करें एक ही हफ्ते के अंदर आपको बहुत ज्यादा फर्क देखने को मिलेगा
  15. मसूड़ों में दर्द: क्या आप भी मसूड़ों के दर्द मसूड़ों की सूजन खून आने से परेशान हो चुके हैं तो घबराए नहीं आप एलोवेरा या इसके पाउडर को अपनी उंगली पर लेकर अपने मसूड़ों पर दिन में दो बार मालिश करें!

एलोवेरा का हिंदी नाम (Aloe Vera ka Hindi Name)

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 Plant of Aloe Vera

आपको पता है कि एलोवेरा पौधे की उत्पत्ति अफ्रीका(Africa) में हुई है पर यह औषधीय एलोवेरा पौधा(Aloe vera Plant) भारत में भी आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, आदि सभी जगह भी बड़ी आसानी से पाया जाता है इस पौधे को पनपने के लिए बहुत ही कम पानी की जरूरत होती है यह पौधा बड़ी आसानी से घरों में रखें छोटे गमलों(Small Pot) में पनप जाता है!
वनस्पति नाम: एलो बार्बाडेन्सीस मिलर
संस्कृत नाम: गार्थ कुमारी
सामान्य नाम:लोवेरा, ग्वारपाठा, कुमारी
उपयोगी भाग: पत्तियां

एलोवेरा जूस कैसे बनाएं ( Aloe Vera Juice Kese Banaye)

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Aloe Vera Gel

एलोवेरा जूस(🍹Aloe Vera Juice) कैसे बनता है चलिए जान लेते हैं ताजा एलोवेरा को काटकर एक चम्मच की सहायता से कटोरी में एकत्र करें फिर इसे हमने हो गया आज मिक्सी पीसकर और अपने स्वाद अनुसार आप चाहो तो इसमें नींबू(🍋 Lemon) का रस और चीनी पोदीना(🌿Mint) काला नमक इत्यादि मिलाकर पी सकते हैं यह
एलोवेरा(Aloe Vera) का ताजा जूस बाजार में भी उपलब्ध है!

एलोवेरा के फायदे बालों के लिए (Aloe Vera Ke Fayde Balo ke liye)

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Aloe Vera for Long Hair

लोग अक्सर बालों के झड़ने, सफेद बाल होने, रूसी और हल्के बालों एवं बालों का ने बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करते हैं आज हम आपको इन्हीं सभी समस्याओं का एक आसान उपाय बताएंगे
  • बाल झड़ना( Hair fall): आज की भागदौड़ की जिंदगी में हम लोग अपने बालों पर पूर्ण रुप से ध्यान नहीं दे पाते जिसके चलते हमारे बाल टूटने लगते हैं जिससे लोगों को कम उम्र में ही गंजेपन की समस्या का सामना करना पड़ता है इससे बचने के लिए एलोवेरा को किस प्रकार से इस्तेमाल करना चाहिए चलिए जान लेते हैं 
आपको निरंतर एलोवेरा के जूस का सेवन करना चाहिए एलोवेरा को काटकर इसके गूदे में अपने अनुसार दही ले और उसमें एक चम्मच शहद अच्छे से 1-2 मिनट तक मिलाएं और इस तैयार मिश्रण को अपने सर पर लगाकर कम से कम 15 मिनट से 25 मिनट रखें और फिर इसे ताजे पानी से के साथ धो दे
  • रूसी के लिए ( For Dandruff): रूसी के कारण आप हर तरह के बाजार में बिकने वाले केमिकल(Chemical) प्रोडक्ट को इस्तेमाल करके परेशान हो चुके हो तो एक आसान सा उपाय घर के नेचुरल चीजों से बनाएं!
एक चम्मच नारियल तेल(Coconut Oil) में एलोवेरा जेल (Aloe Vera gel)और एक विटामिन-ई (Vitamin-E) के कैप्सूल(Capsule) को अच्छे से मिला कर अपने बालों की जड़ों में अच्छे से उंगलियों की सहायता से मसाज करें जिसमें आपको बहुत सारा पोषण मिलेगा इसे कुछ देर ऐसे ही रहने दें और बाद में इसे शैंपू से पानी के साथ धोले!
  • बालों का ने बढ़ना (Hair not growth): हर महिला का सपना होता है कि उसके बाल लंबे और घने हो पर वह केमिकल से युक्त बजारी चीजों का इस्तेमाल करना शुरू कर देती है जिससे उनके बालों को और नुकसान हो जाता है पर आज हम आपको बताएंगे कि नेचुरल चीजों से भी अपने बालों को लंबा चमकीला और सुंदर बनाया जा सकता है!
एक कटोरी में एलोवेरा के गुदे  के साथ दो चम्मच मेथी पाउडर एक चम्मच कस्टर्ड ऑयल को मिक्स करें इसे अपने सिर पर लगाएं और इसे पूरी रात लगा रहने दें सुबह उठकर अपना सिर धो !

  • सफेद बाल (White Hair): एक समय वह था जब व्यक्ति के बाल 50 से 60 की उम्र में ही सफेद हुआ करते थे पर आज के दौर में तो उम्र से पहले ही व्यक्ति के बालों(Hair) का सफेद(White) होना शुरू हो जाता है जिसका मुख्य कारण मिलावटी खानपान आज इस पोस्ट में हम आपको इस समस्या का समाधान बताते हैं
एलोवेरा के जेल में कुछ निंबू,(🍋 Lemon) की बूंदे मिलाकर लगाएं जिससे आपके बालों का रंग काला होने लगेगा!

  1. एलोवेरा का इस्तेमाल घुटनों के दर्द के लिए (Aloe Vera for Joint pain)
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Aloe Vera for Knee Pain

बढ़ती उम्र के साथ-साथ घुटनों की दर्द की समस्या भी होने लगती है जिसके चलते चलने फिरने उठने बैठने में घुटनों में दर्द होने लगता है ऐसा घुटनों में चिकनाहट (ligament) के खत्म होने के कारण होता है जान लेते हैं इस परेशानी से कैसे छुटकारा पाएं!
एलोवेरा(Aloe Vera) के गूदे को एक कटोरी में निकालें और उसे एक एक चम्मच हल्दी मिलाकर गर्म कर ले और फिर इसे किसी को कॉटन पर रखकर अपने घुटने(Knee) पर बांध ले ऐसा निरंतर करने से आपके घुटनों के दर्द में बहुत राहत मिलेगी या आप एलोवेरा के लड्डू(Ladu) भी बनाकर सेवन कर सकते हैं!

  • एलोवेरा के नुकसान (aloe vera ke nuksan)
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Aloe Gel

जैसा कि आपको पता ही है जिस चीज के फायदे(Advantage) होते हैं तो उसके कुछ नुकसान भी होते हैं ऐसे कुछ नुकसान(Disadvantage) ओं के बारे में हम जानेंगे जो एलोवेरा से होते हैं
  1. गर्भवती महिलाओं को एलोवेरा जूस का उपयोग नहीं करना चाहिए इससे उनका गर्भपात हो सकता है!
  2. 12 साल से कम की उम्र वाले बच्चों के लिए तो एलोवेरा जेल लगाना सुरक्षित है पर जूस के सेवन से उन्हें पेट दर्द, दस्त, और पेट में ऐठन हो सकती है
  3. कभी भी किसी भी चीज का आवश्यकता से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए चाहे वह एलोवेरा जूस (🍹Aloe Vera Juice) ही क्यों ना हो!

  • महत्वपूर्ण सूचना
हमारी आप को यही सलाह होगी कि आप एलोवेरा(Aloe Vera juice) का इस्तेमाल चिकित्सा की सलाह अनुसार ही करें अपने आप ही चिकित्सक बनने की कोशिश न करें!
अगर हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे शेयर और लाइक जरुर करें धन्यवाद!

Thursday, March 05, 2020

जीरे के पानी से वजन कम करने सहित हैं कई फायदे, ऐसे होता है तैयार


जीरे के पानी से होऐ नीरोग 


लोग अपना वजन कम करने के लिए तमाम जतन करते हैं। लोग वजन कम करने के लिए खूब एक्सरसाइज करते हैं तो कुछ लोग खाने-पीने पर ही पाबंदी लगा लेते हैं। इसके बाद भी वजन बढ़ना कंट्रोल नहीं होता है। इस कारण लोग परेशान होते रहते हैं। वजन कम करने में जीरा बहुत सहायक होता है। जीरा न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि वजन को तेजी से कम करता है। जीरे का पानी पीने से वजन आसनी से कम हो जाता


ऐसे बनाएं जीरे का पानीएक बड़ा चम्मच जीरा लें और एक गिलास पानी में डालें और रात भर जीरे को भीगने दें। सुबह इस पानी को छानें और उबाल कर पी लें। रोजाना जीरे के पानी को पीने से शरीर की फालतू चर्बी कम होती है और वजन कम होता है।

फायदे
1. जीरे के पानी में आयरन भी होता है जो आपके शरीर के इम्यून सिस्टम को ठीक करने का काम करता है। रेगुलर जीरे का पानी पीने से इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है। जिससे शरीर से कई बीमारियां दूर रहती हैं। जिसके चलते वजन नहीं बढता है।

2. जब शरीर का वजन क्षमता से अधिक होता है तो कई बीमारियां घेर लेती हैं। इसका सबसे उदाहरण है कि मोटापे के कारण नींद नहीं आती है। इस समस्या का समाधान करने में जीरे का पानी बहुत सहायक है।

3. जीरे में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थों को निकालने में मदद करता है। इससे शरीर के सभी अंग अच्छी तरह से काम करते हैं। जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। जीरे का पानी शरीर के अंदर सफाई का काम भी करता है। जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं। इसके साथ ही वजन भी कम होता है।

काली मिर्च सेहत के लिए वरदान है , जानिए इसके बेमिसाल फायदे


काली मिर्च सेहत के लिए वरदान है , जानिए इसके बेमिसाल फायदे
काली मिर्च जहां खाने मे स्वाद बढ़ाती है वहीं इसका सेवन सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इतना ही नहीं, रोजाना इसका सेवन दिल को भी स्वस्थ रखता है। दिल शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और यही पूरे शरीर में ऑक्सीजन रक्त का संचार करता है। ऐसे में अगर दिल स्वस्थ ना हो तो कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन अपनी डाइट में काली मिर्च को शामिल करके आप दिल को हेल्दी रख सकते हैं। इससे हृदय बेहतर तरीके से कार्य कर पाता है।

 

काली मिर्च दिल के लिए क्यों है फायदेमंद

विशेषज्ञ का मानना है कि काली मिर्च एक सुपरफूड है, जो दिल को स्वस्थ रखने के साथ अन्य बीमारियों का खतरा भी करती है। दरअसल, इसमें विटामिन-सी और कैरोटीनॉयड भरपूर मात्रा में होता है, जो धमनियों को संकरी होने से रोकता है और आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं। इतना ही नहीं, इसका सेवन वजन कंट्रोल करने में मदद करता है।





काली मिर्च हफ्ते में कितनी बार खाना है बेहतर

एक्सपर्ट का कहना है कि हर व्यक्ति को हफ्ते में कम से कम 4 काली मिर्च खानी चाहिए। आप इसे लगभग सभी तरह की सब्जी या दाल में डालकर खा सकते हैं। काली मिर्च की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका अधिक सेवन शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। ऐसे में नियमित मात्रा में ही इसका सेवन करना बेहतर होगा।


काली मिर्च के गुण

काली मिर्च औष‍धीय गुणों से युक्‍त एक मसाला है। पिपरीन नामक तत्‍व के कारण इसका स्‍वाद सबसे अनोखा है। काली मिर्च में आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और विटामिन सी, और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

काली मिर्च के फायदे (Black Pepper Benefits )

  1. वजन घटाता में मददगार

इसमें फाइटोन्यूट्रीएंट्स नामक तत्व होता है, जो वसा (Fat) की बाहरी परत तोड़कर शरीर में एक्स्ट्रा चर्बी को जमने से रोकता है। साथ ही इसका सेवन पसीने के जरिए शरीर से विषैले टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है।



काली मिर्च जहां खाने मे स्वाद बढ़ाती है वहीं इसका सेवन सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इतना ही नहीं, रोजाना इसका सेवन दिल को भी स्वस्थ रखता है। दिल शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और यही पूरे शरीर में ऑक्सीजन रक्त का संचार करता है। ऐसे में अगर दिल स्वस्थ ना हो तो कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन अपनी डाइट में काली मिर्च को शामिल करके आप दिल को हेल्दी रख सकते हैं। इससे हृदय बेहतर तरीके से कार्य कर पाता है।

   2. मजबूत इम्यून सिस्टम
इंफेक्शन व बैक्टीरियल बीमारियों से बचने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। गर्म पानी के साथ 1/4 चम्मच काली मिर्च पाउडर दिन में 2 बार लेने से इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है।


  3.खांसी से छुटकारा

अगर आपको बहुत ज्यादा खांसी हो रही हैं तो 2 काली मिर्च, मुलेठी का टुकड़ा और मिश्री मिलाकर खाली पेट या भोजन के बाद चूसें। इससे आपको खांसी से आराम मिलेगा।




   4.तनाव को रखे दूर

काली मिर्च एक प्राकृतिक एंटी-डिप्रेशन है। अगर आप तनाव या अवसाद से ग्रस्‍त हैं तो नियिमत काली मिर्च का सेवन करें। इससे तनाव दूर होगा।

  


 5.कैंसर से बचाव

शोध के अनुसार, नियमित काली मिर्च का सेवन स्तन कैंसर का खतरे कम होता है। दरअसल, इससे स्तन में गांठ नहीं बनती, जिससे आप इस खतरे से बचे रहते हैं। इसमें विटामिन्स फ्लैवोनॉयड्स, कारोटेन्‍स और एंटी-ऑक्‍सीडेंट जैसे तत्व भी पाए जाते हैं, जो कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं।

   

  6.एसिडिटी से राहत

अगर आपको अक्सर एसिडिटी की शिकायत रहती है तो काली मिर्च पाउडर में प्याज व नींबू का रस मिलाकर खाएं। इससे आपको एसिडिटी से तुरंत राहत मिलेगी।





 7.जोड़ों के दर्द से राहत

सर्दियों में जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द की समस्या अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में इस दर्द को दूर करने के लिए आप रोज सुबह गुनगुने पानी के साथ 10-12 काली मिर्च का सेवन करें। इससे आप देखेंगे कि कितनी जल्दी आपको फर्क महसूस होता है। 

  

 8.बढ़ाए आंखों की रोशनी


कंप्यूटर या लैपटॉप के आगे बैठने से आंखें खराब हो गई हैं तो काली मिर्च आपके लिए कारगर नुस्खा साबित होगा।  काली मिर्च को शुद्ध घी में मिलाकर खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इतना ही नहीं, इसका सेवन आंखों की बीमारियों को भी दूर रखता है।



लौंग के फायदे, उपयोग और नुकसान




लौंग के फायदे, उपयोग और नुकसान – Clove (Laung) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi
लौंग बेशक आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई चमत्कारी फायदे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग सर्दी-खांसी से लेकर मधुमेह और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी काम आता है। लौंग, सदाबहार पेड़ की खूशबूदार सूखी पुष्प कलियां होती हैं। सामान्यतः इसका इस्तेमाल भोजन बनाने और धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है, लेकिन लौंग का प्रयोग प्राचीन समय से एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी के रूप में भी किया जा रहा है। इसमें कई जरूरी औषधीय तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। इस लेख में हम आपको लौंग के फायदे, शरीर के लिए इसका उपयोग और लौंग के नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1.  ओरल हैल्थ

क्यों और कैसे है लाभकारी
दांतों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए लौंग काफी फायदेमंद माना जाता है। लौंग में यूजेनिया नामक तत्व दांतों के दर्द को कम करने का काम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप निम्नलिखित बिंदुओं का पालन करें
·         जब भी आपको दांतों में दर्द महसूस हो 2-3 साबुत लौंग अपने मुंह में रख लें।
·         लौंग का रस मुंह के लार के साथ मिलकर अपना दर्द निवारण काम शुरू कर देगा।
·         3-4 मिनट तक रखे रहने के बाद आप लौंग को दांतों से तोड़ लें, ताकि इसका असर पूरे मुंह में हो जाए।
·         लौंग को आप मुंह में 20-30 मिनट तक रख सकते हैं।
अगर आपके दांतों में अत्यधिक दर्द है, तो आप 5-6 लौंग का चूर्ण बनाकर, जिस दांत में दर्द हो रहा है वहां लगा सकते हैं। इस प्रकार आप लौंग के जरिए दांतों के दर्द का इलाज कर सकते हैं 

2. सर्दी-खांसी
सर्दी और खांसी जैसी आम समस्या के निवारण के लिए भी लौंग एक कारगर घरेलू नुस्खा है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेंटरी, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी और जुकाम से निजात दिलाने का काम करते हैं। सर्दी-खांसी से निजात पाने के लिए आप इस तरह से लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं
·         खांसी होने पर आप 2-3 लौंग के फूल को मुंह में रखकर अच्छी तरह चबाएं और उसके रस को गले तक उतरने दें। ऐसा करने से लौंग के एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेंटरी गुण गले के संक्रमण को दूर कर आपको आराम देंगे। बेहतर फायदे के लिए आप लौंग को 10-15 मिनट तक अच्छी तरह चबाएं
·         सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए आप ब्लैक-टी में लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्लैक-टी बनाते समय उसमें बस 1-2 लौंग डाल दें। फिर चाय को धीरे-धीरे पिएं, ताकि उसकी गर्माहट आपके गले, नाक और छाती तक पहुंचे।

3. मधुमेह

लौंग का इस्तेमाल शरीर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के लिए भी किया जाता है, जिसमें मधुमेह भी शामिल है। मधुमेह वो चिकित्सकीय स्थिति है, जिसके अंतर्गत रक्त में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाती है। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आप लौंग का सेवन कर सकते हैं । लौंग में विटामिन-के और जरूरी मिनरल्स (जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम ) पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद रहता है। इसका रोजाना इस्तेमाल रक्त में शकर्रा की मात्रा को कम कर देता है। आप डायबिटीज के लिए लौंग का प्रयोग यहां बताई गई विधि के अनुसार कर सकते हैं।
·         लौंग का इस्तेमाल करने के लिए आप एक गिलास गर्म पानी में 4-5 लौंग डाल दें और 15 मिनट के लिए उसे पानी में रहने दें।
·         15 मिनट बाद पानी से लौंग निकाल दें और पानी को धीरे-धीरे पिएं।
·         यह प्रक्रिया रोज सुबह दोहराएं।
·         हर हफ्ते अपने मधुमेह स्तर की जांच करें।
·         अगर मधुमेह के स्तर में कोई बदलाव नहीं होता है, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं।

4. सूजन

लौंग खाने का एक फायदा सूजन की समस्या से निजात भी है। लौंग में यूजेनिया नामक तत्व पाया जाता है, जो इसे एक कारगर एंटीइंफ्लेमेटरी  एंजेंट बनाता है। गले और मसूड़ों में होने वाली सूजन को इसके जरिए ठीक किया जा सकता है। लौंग का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण कैनडिडा (एक प्रकार का फंगस) से लड़ने में मदद करता है। आप सूजन व दर्द के लिए निम्नलिखित तरीके से लौंग का टोटका अपना सकते हैं।
·         मसूड़े के दर्द और सूजन के लिए लौंग के तेल की कुछ बूंदों को संक्रमित जगह पर लगाकर धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक हल्की मसाज करें।
·         गले के संक्रमण और सूजन को कम करने के लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक छोटे चम्मच लौंग के चूर्ण को मिलाकर गरारे कर सकते हैं।
·         आप चाहें तो ब्लैक-टी में एक लौंग डालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

5. पाचन तंत्र

पेट की समस्याओं से निजात पाने के लिए भी लौंग का इस्तेमाल किया जाता है। लौंग में मौजूद यूजेनिया जैसे यौगिक पेट के अल्सर को कम कर सकते हैं । लौंग में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। कब्ज जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए आप लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। लौंग के एंटीबैक्टीरियल, एंटीस्पास्मोडिक और एनेस्थेटिक गुण कब्ज के दौरान पेट में होने वाले दर्द से राहत पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। बेहतर पाचन तंत्र के लिए आप लौंग का इस प्रकार सेवन कर सकते हैं 
·         आप लौंग की चाय बना सकते हैं, जिसके लिए आप एक कप पानी में 1-2 लौंग तोड़कर डाल दें और 5-6 मिनट तक अच्छी तरह उबालें। आप चाहें तो इसमें स्वाद के लिए चुटकी भर नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्रकार आप लौंग की चाय बना सकते हैं। इस चाय का सेवन आप सुबह और रात में करें।
·         आप चाहें तो 2-3 लौंग को सीधे चबा-चबाकर खा सकते हैं।
·         आप 2-3 लौंग को आग में भूनकर भी खा सकते हैं।

6. रक्त संचार

लौंग रक्त शोधक के रूप में कार्य करता है और रक्त प्रवाह को बेहतर करता है । यह रक्त से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में भी मदद करता है और शरीर में एंटीऑक्सीडेंट स्तर को बढ़ाता है। एंटीऑक्सीडेंट गुण प्लेटलेट को शुद्ध करने के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं।
·         आप इसके लिए लौंग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर में इसकी मालिश करने से रक्त प्रवाह में मदद मिलती है।
·         लौंग का तेल एक फायदेमंद औषधी के रूप में काम करता है, यह रक्त प्रवाह के अवरोधक जैसे हाथ-पैरों में मोच और दर्द को भी ठीक करता है।

7. कैंसर

लौंग आम शारीरिक समस्या से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में भी इस्तेमाल किया जाता है। लौंग में एंटीसेप्टिक, जीवाणुरोधी, एंटीफंगल, और एंटीवायरल गुण के साथ-साथ एंटीकैंसर गुण भी पाए जाते हैं । मेडिकल शोध के अनुसार लौंग के औधषी गुण ट्यूमर को बढ़ने से रोकते हैं और कैंसर सेल्स को समाप्त करते हैं। लौंग एंटीऑक्सीडेंट का एक बड़ा स्रोत है, जो सूजन और कैंसर से हमारी रक्षा करता है। यहां जानिए किस प्रकार करें लौंग का उपाय
·         लौंग का प्रयोग आप भोजन में कर सकते हैं।
·         एक कप गर्म पानी में एक चम्मच लौंग का चूर्ण डालकर सुबह और रात को पी सकते हैं।
नोट : कैंसर के लिए लौंग का इस्तेमाल का डॉक्टर की सलाह पर करें।

8. तनाव

तनाव ऐसी समस्या से है, जिससे विश्व की एक बड़ी आबादी ग्रसीत है। इसे पूर्ण रूप से समाप्त तो नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग का एक फायदा तनाव से मुक्ति भी  है। लौंग एक प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है, जिसका इस्तेमाल कर आप तनाव की समस्या से निजात पा सकते हैं। नीचे जानिए किस प्रकार करें लौंग का इस्तेमाल
·         लौंग के तेल की कुंछ बूंदों से माथे की अच्छी तरह मसाज करें। लौंग की सुगंध आपके मस्तिष्क को शांत कर तनाव से मुक्त देगी।

9. सिरदर्द

सिरदर्द जैसी आम समस्याओं के लिए भी लौंग काफी फायदेमंद है। लौंग के एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण सिरदर्द की समस्या को खत्म करने का काम करते हैं। शोध में माना गया है कि सिरदर्द के मामले में लौंग पेरासिटामोल की तरह असरदार है । यहां हम बता रहे हैं कि किस प्रकार करें लौंग का उपाय
·         4-5 लौंग को पीसकर साफ रूमाल में रखें और सूंघे। इसे थोड़ी-थोड़ी देर में सूंघते रहें।

10. टेस्टोस्टेरोन स्तर

बढ़ती उम्र और गंभीर शारीरिक बीमारियों (मधुमेह व गुर्दे संबंधी समस्या आदि) के कारण पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटने लगता है। टेस्टोस्टेरोन वो हार्मोन होते हैं, जो यौन शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। माना गया है कि लौंग के कामोत्तेजक तत्व पुरुष में टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं। अगर आपको टेस्टोस्टेरोन संबंधी कुछ शिकायत है, तो आप डॉक्टर की सलाह पर लौंग का सेवन कर सकते हैं । आप लौंग का सेवन इस प्रकार कर सकते हैं
·         आप सुबह-शाम एक लौंग सीधे ले सकते हैं।
·         इसके अलावा, एक कप गर्म पानी में एक चम्मच लौंग का चूर्ण मिलाकर ले सकते हैं।

11. अस्थमा

अस्थमा या दमा एक जानलेवा बीमारी है, जो सीधे हमारी श्वास नली को प्रभावित करती है। इस बीमारी के अंतर्गत मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है और दौड़ने या ज्यादा चलने से सांस फूलने लगती है। माना गया है कि अस्थमा की समस्या को लौंग के जरिए बहुत हद तक कम किया जा सकता है। अस्थमा लगातार हो रहे सर्दी-जुकाम व साइनेस जैसी समस्या से भी हो सकता है। लौंग के एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण अस्थमा के संक्रमणों को खत्म कर मरीज को राहत दिलाने का काम करते हैं। इस प्रकार अपनाएं लौंग का टोटका
·         अस्थमा के लिए आप लौंग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
·         आप लौंग के तेल की कुछ मात्रा लेकर अच्छी तरह छाती, गले और नाक के नजदीक वाले भाग पर मसाज करें।
·         आप लौंग को शहद के साथ भी ले सकते हैं। इसके लिए आपको 30 एमएल पानी में 6 लौंग को अच्छी तरह उबालना होगा। फिर इसे छान कर एक चम्मच पानी निकालकर आधे चम्मच शहद के साथ लें। यह प्रक्रिया आप दिन में तीन बार करें
नोट : अस्थमा के लिए लौंग का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर करें।

12. मतली (जी-मिचलाना)

फूड पाइजनिंग और अन्य पेट संबंधी परेशानियों की वजह से मतली (जी-मिचलाना) और उल्टी की समस्या जाती है। ये शारीरिक परेशानियां पाचन तंत्र की गड़बड़ी की तरह इशारा करती हैं। इस स्थिति में लौंग आपकी काफी मदद कर सकता है । लौंग में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं। यहां जानिए, किस प्रकार करें लौंग का इस्तेमाल
·         मतली की समस्या से निजात पाने के लिए आप लौंग की चाय बना सकते हैं।
·         लौंग की चाय बनाने के लिए आप एक कप पानी में 2 लौंग और चुटकी भर दालचीनी चूर्ण डाल दें और गर्म होने के लिए रख दें।
·         फिर पानी में उबाल आने पर आवश्यकतानुसार चीनी डालें।
·         अब इस गर्म पानी को एक कप में डालें और उसमें टी-बैग डालकर धीरे-धीरे पिएं।

13. जोड़ों का दर्द

उम्र बढ़ने के साथ-साथ कुछ शारीरिक समस्या बिना दस्तक दिए शरीर को जकड़ लेती हैं, जिनमें जोड़ों का दर्द भी शामिल है। लौंग में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो इस समस्या से आपको निजात दिला सकते हैं यहां हम बता रहे हैं कि जोड़ों के दर्द के लिए लौंग किस प्रकार है फायदेमंद
·         लौंग के तेल की कुछ बूंदों का इस्तेमाल कर आप जोड़ों की सुबह-शाम मालिश करें।

14. कान का दर्द

कान का दर्द एक आम समस्या है, जो बच्चों से लेकर बड़ों को प्रभावित कर सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए आप लौंग के तेल का उपाय कर सकते हैं। नीचे जानिए किस प्रकार करें प्रयोग
·         एक चम्मच लौंग और शीशम के तेल को हल्का गर्म कर लें 
·         अब इस मिश्रित तेल की 4-5 बूंदों को कान में डालें।

15. मुंहासे

युवा अवस्था में मुंहासों की समस्या आम है, जो सीधा आपके चेहरे की खूबसूरती को प्रभावित करती है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो आपको इस समस्या से निजात दिला सकते हैं। यहां हम बता रहे हैं कि मुंहासों के लिए किस प्रकार लौंग का प्रयोग किया जा सकता है
·         आधा चम्मच लौंग का तेल और आधा चम्मच तुलसी के तेल को आपस में मिलाकर मुंहासे की जगह पर लगाएं। यह प्रक्रिया आप रात को सोने से पहले करें।
·         ध्यान रहे, आप लौंग के तेल को सीधा चेहरे पर न लगाएं, क्योंकि यह आपके चेहरे की त्वता को जला भी सकता है 

 

 

लौंग के नुकसान – Side Effects of Clove in Hindi

अब तक आप समझ गए होंगे कि लौंग स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका अधिक सेवन कई परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। अत्यधिक लौंग खाने से इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है :
·         गुर्दे और आंत संबंधी समस्या
·         रक्त का पतलापन
·         जलन
·         खुजली
·         एलर्जी
·         कामोत्तेजना पर नकारात्मक प्रभाव आदि
लौंग एक असरदार खाद्य पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल कर आप शरीर की कई गंभीर समस्याओं से निजात पा सकते हैं। इस लेख में बताए गए लौंग खाने फायदों को अपनाकर आप एक स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और अपने अनुभव भी हमारे साथ शेयर करें।


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