Tuesday, April 28, 2020

Ramadan in 2020 fasting rules : जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास

Ramadan in 2020 fasting rules  जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास

Ramadan in 2020 fasting rules,जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास
Ramadan

जैसा कि आप लोग जानते हैं आज पूरा भारत वर्ष एक भयंकर महामारी  COVID-19 से लड़ रहा है जिसके चलते पूरे भारतवर्ष में लॉक डाउन ( Lockdown)की स्थिति बरकरार है जो कि सभी लोगों की सुरक्षा के लिहाज से बहुत ही सही कदम है जैसा कि आप सभी जानते हैं कि 25-4-2020 से रमजान का पाक महीना शुरू हो रहा है जिसमें सभी मुसलमान भाइयों को अल्लाह की इबादत अपने घरों से करनी पड़ रही है यह महीना 30 दिन का होता है जो कि मुसलमानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इस 30 दिनों के महीने को इस्लाम के मुताबिक तीन हिस्सों में बांटा गया है
Ramadan in 2020 fasting rules ,जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास
Ramzan

रमजान के यह 30 दिन हर मुसलमान के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं जिसमें वह 30 दिनों तक रोजा रखता है इस्लाम के मुताबिक रमजान को तीन हिस्सों में बांटा गया है पहला अशरा ,दूसरा अशरा, तीसरा अशरा  इन तीनों हिस्सों को अशरा  कहा जाता है अशरा  शब्द अरबी भाषा का है जिसका मतलब होता है 10 नंबर इसके मुताबिक रमजान का पहला अशरा (1-10) मैं होता है दूसरा अशरा (11-20) तक होता है और तीसरा अशरा (21-30) तक बांटा गया है

रमजान का इतिहास ( History of Ramzan)

 Ramadan in 2020 fasting rules ,जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास
Ramadan Quran

मान्यता यह है कि इस साल मोहम्मद साहब को 610 साल में लेयलत - उल - कद्र के मौके पर पवित्र क़ुरान  का ज्ञान प्राप्त हुआ इसलिए रमजान को इस्लामिक धर्म में पवित्र माह के रूप में मनाया जाता है इसके अलावा अल्लाह ने पैगंबर साहब को अपने दूत के रूप में चुना था इस लिहाज से यह महा  मुस्लिमों के लिए बहुत ही खास होता है कहा जाता है कि रोजे का मतलब यह नहीं होता है
Ramadan in 2020 fasting rules ,जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास
Ramzan special
भूखे प्यासे रहे बल्कि रोजे के समय में मन में बुरे विचार नहीं आने चाहिए इस समय मुसलमानों को लालच करने, किसी की बुराई करने, बदनामी करने, झूठी कसमें खाने, आदि से बचना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा दूसरों के लिए अल्लाह से इबादत करनी चाहिए यह भी माना जाता है रमजान का पाक महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं और जो मुस्लिम रोजा रखता है उसे जन्नत नसीब होती है और अल्लाह उसकी हर मुराद जल्द से जल्द पूरी करता है
चलिए जानते हैं कि रमजान मे इन तीनों अशरो का क्या महत्व होता है और रमजान को इन तीनों अशरो  में क्यों बांटा गया है!
Ramadan in 2020 fasting rules ,जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास
Roja Mubarak

रमजान के शुरुआती पहले अशर में रोज नवाज पढ़ने वाले मुसलमानों पर अल्लाह की रहमत बरसती है रमजान के दूसरे अशर में मुस्लिम अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांग कर अपने गुनाहों से पवित्र हो सकते हैं और रमजान के आखिरी यानी तीसरे अशर में जहन्नम की आग से खुद को बचा सकते हैं रमजान के पाक महीने में मुस्लिम अल्लाह से इबादत करता है और सभी के लिए खेर मांगता है
रमजान के तीनों अशर का महत्व

  1. रमजान का पहला अशर (1-10) दया ( mercy) के लिए होता है!


रमजान का पहला अशर यानी शुरू के 10 दिनों को रहमत के दिन माना जाता है रोजा नमाज अदा करने वाले मुसलमानों पर अल्लाह की रहमत होती है ऐसा कहा जाता है कि पहले अशर में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा गरीबों की मदद करनी चाहिए और सभी से प्यार और नम्रता का व्यवहार करना चाहिए जिस कारण अल्लाह खुश होकर अपने बंदों पर रहमत बरसाता है

       2. रमजान का दूसरा अशर (11-20)माफ़ी (forgiveness) के लिए होता है!

दूसरा अशर (11-20) में  मुस्लिम अपने पापों की माफी अल्लाह से मांगते हैं दूसरा अशर माफी का होता है इस्लामिक मान्यता के अनुसार रोजे के इस दूसरा अशर में दूसरे दिनों के अनुसार इस समय अल्लाह अपने बंदों को जल्दी माफ कर देता है इसलिए रोजे के दूसरे अशर में मुस्लिम अपने द्वारा किए गए गुनाहों की माफी मांगता है और दुआ करता है कि अल्लाह उसके द्वारा किए गए गुनाहों को माफ कर दे!

        3.रमजान का तीसरा अशर (21-30)निजात (Nijat) के लिए होता है!

इस्लामिक दृष्टि से ये अशर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है यह अशरा 21 वे रोजे से शुरू हो कर 29 वे या 30 वे रोजे पर समाप्त हो जाता है इस आखिरी अशर में कई मुस्लिम मर्द और औरत एहतकाफ़  मैं बैठती है एहतकाफ़ का मतलब होता है कि कई मुस्लिम मर्द मस्जिद के एक कोने में 10 दिनों तक बैठतेे हैं और औरतें अपने अपने घरों में बैठ कर इबादत करती हैं के अल्लाह उन्हें जहन्नम की आग से सुरक्षित रखें

रमजान के महीने मैं इन बातों का रखें खास ध्यान


  1. इफ्तार के बाद ज्यादा से ज्यादा पानी पिए पूरे दिन के बाद शरीर में पानी की ज्यादा कमी हो जाती है जिसके चलते कमजोरी महसूस हो सकती है इसीलिए मर्दों को 2-5 लीटर पानी पीना चाहिए और औरतों को कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिए!
  2. इफ्तार की शुरुआत मुस्लिमों को हल्के खाने से करनी चाहिए इसलिए खजूर से इफ्तार करना बहुत अच्छा माना गया है और इसमें फल, जूस, पानी, सलाद, सूप आदि का सेवन करना चाहिए!
  3. सहरी में ज्यादा तला भुना ना खाएं क्योंकि ऐसा खाना खाने से ज्यादा प्यास लगती है इसके चलते मुश्किल आती है
  4. रमजान के समय मुसलमान को ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करनी चाहिए क्योंकि इस्लाम के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि रमजान के दिनों में अल्लाह से की गई इबादत जल्दी कबूल होती है
  5. रमजान  का महीना शुरू होने से पहले बेहतर यह होता है कि महीने भर का सामान ले आए जिससे आपको रोज रोज सम्मान के लिए बाहर ना जाना पड़े और ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिता सकें!
  6. पूरा देश COVID-19 महामारी के चलते पूरा देश बढ़ी परेशानी से गुजर रहा है तो इस समय बेहतर यह होगा कि आप इफ्तार के समय ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन का इस्तेमाल करें जिससे आपकी इम्यूनिटी बढ़ जाती है!
  7. रमजान के समय में कोई रोजेदार रोजे की हालत में जान पूछ कर खा लेता है तो उसका रोजा टूट जाता है और अगर कोई रोजेदार गलती से कुछ खा ले तो उसका रोजा नहीं टूटता
  8. रमजान के दिनों में अल्लाह अपने बंदों पर खास राम फरमाता है और इस समय की गई दुआ को अल्लाह जल्द ही कबूल करता है
  9. रमजान में रोजे के चलते अगर आपने पूरे गीले कपड़े पहन रखे हैं तो आप जान लो कि आप का रोजा मकरूह  हो सकता है
  10. रमजान के महीने में नेकियों का शवाब 10 से 70 गुना तक बढ़ जाता है

रोजा खजूर से ही क्यों खोल (important of date in Ramadan)

Ramadan in 2020 fasting rules,जानिए कैसे रखे जाते है रोजे और क्या है रमजान का इतिहास

माना जाता है कि इस्लाम अरब से आया है क्योंकि अरब में खजूर फल ज्यादा मात्रा में और आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है इसीलिए खजूर का इस्तेमाल शुरू हो गया रोजे को खोलने के लिए खजूर फल का उपयोग किया जाता है लेकिन खजूर के बहुत ही अधिक लाभ होते हैं
खजूर में आयरन अधिक मात्रा में पाया जाता है इसे खाने से खून से संबंधित बीमारियों का खतरा कम होता है और खजूर दिल के लिए भी अधिक लाभकारी है इसे खाने से कोलेस्ट्रॉल स्तर भी कम रहता है जिससे दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा कम हो जाता है!

पाचन शक्ति को बढ़ाता है खजूर 


खजूर का सेवन करने पर हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है इससे पेट से संबंधित सभी बीमारियां खत्म होती है और पाचन शक्ति को मजबूत कर भूख को भी बढ़ाता है!
खजूर हड्डियों को करता है मजबूत
इसमें मौजूद कोपर, सेलिनियम, मैग्नीज जैसे मिनरल हमारी हड्डियों को मजबूत बनाते हैं

खजूर में मौजूद गुणकारी तत्व

  1. प्रोटीन = 1.81 gm
  2. Fibre = 6.7 gm
  3. कोलेस्ट्रॉल = 0 gm
  4. कार्बोहाइड्रेट = 74.97 gm

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